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ईमेल व मोबाइल पर चीनी हैकर्स का हमला! मंत्रालय ने जारी किए बचने के उपाय

चीनी हैकर्स अपनी इन नापाक हरकतों के जरिए कंप्यूटर और मोबाइल के डाटा चोरी और इंटरनेट बैंकिंग में सेंधमारी करने के फिराक में हैं?

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भारत-चीन सीमा पर हुए विवाद के बाद अब चीनी हैकर्स ने भारतीयों के मोबाइल पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि १ जून  से १०  जून के बीच १०  करोड़ भारतीयों के  ईमेल और २४  करोड़ लोगों के मोबाइल पर थ्रेट मैसेज भेजे गए हैं। हैकर्स अपनी इन  नापाक  हरकतों के जरिए कंप्यूटर और मोबाइल में डेटा चोरी और इंटरनेट बैंकिंग में सेंधमारी करने के फिराक में हैं।

  • चीनी हैकर्स का हमला
    सूत्रों की मानें तो इस तरह के मामले अब भी जारी हैं। विशेषज्ञों की मानें तो भारतीयों के ईमेल व मोबाइल नंबर हैकर्स ने चीनी ऐप के जरिए जुटाएं हैं। गूगल की रिपोर्ट सामने आने के बाद १९ जून को इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी यानी सीईआरटी ने हमले की जानकारी अपने वेबसाइट पर साझा की।
  • तुरंत करें ये काम
    सूत्रों की मानें तो यह मैसेज दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद जैसे शहरों में भेजे गए हैं। मंत्रालय ने इस तरह के साइबर हमले से बचने के लिए कहा है कि यदि आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर किसी भी अपरिचित का मैसेज मिले तो उसे न खोलें। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी परिचित से इस तरह के मैसेज के बारे जानकारी लेकर ही कुछ करें। स्पेम फिल्टर्स को अपडेट करते रहें और फर्जी नजर आने वाले ईमेल को तुरंत ब्लॉक करें।
  • उधर, चीन ने इस हैकिंग हमले में अपनी भूमिका होने से इनकार करते हुए गूगल समेत विभिन्न वित्तीय तथा प्रौद्योगिकीय कम्पनियों पर निशाना साधा है। चीन के विदेश मंत्रलय की प्रवक्ता झियांग यू के हवाले से दी गई रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा है कि  हमारे चीन के कानून के मुताबिक किसी भी तरह की हैकिंग करना कानूनन अपराध है।

    भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम़क़े नारायणन के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक चीन के इंटरनेट हैकरों ने पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय तथा कुछ अन्य सरकारी विभागों के दफ्तरों की कम्प्यूटर प्रणाली में सेंध लगाने की कोशिश की थी। द टाइम्स के मुताबिक नारायणन ने कहा हमारे कम्प्यूटरों को हैक करने की यह पहली कोशिश नहीं है।

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