Himachal News

बेमौसमी बारिश से नहीं बढ़ रहा सेब का आकार, मटर की क्वालिटी भी हुई खराब

बेमौसमी बारिश से सेब का आकार नहीं बढ़ पा रहा है। ओलावृष्टि की मार से मटर की क्वालिटी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मटर के अच्छे दाम न मिलने से सब्जी उत्पादकों को नुकसान झेलना पड़ रहा है

Ads

बेमौसम बरसात से सेब और मटर की फसल प्रभावित हो रही है। मई के महीने में बार-बार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट के कारण सेब का आकार नहीं बढ़ पा रहा और ओलों की मार से मटर की क्वालिटी खराब हो गई है। सेब की बढ़िया फसल के लिए मई के महीने में अच्छी धूप खिलना जरूरी है। 25 डिग्री तक तापमान होने पर सेब का आकार बढ़ता है, लेकिन बीते कई दिनों से बार-बार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट आई है।

औसतन 17 से 18 डिग्री तापमान चल रहा है, जो कि सेब के विकास के लिए अनुकूल नहीं है। अगर मई के बाद जून माह में भी धूप नहीं खिलती और तापमान में बढ़ोतरी नहीं होती तो आकार न बढ़ने के कारण सेब को अच्छे दाम नहीं मिल पाएंगे जिससे बागवानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। उधर ओलावृष्टि की मार से मटर की क्वालिटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सीजन की शुरूआत में जहां बढ़िया मटर 60 से 65 रुपये प्रति किलो के थोक भाव पर बिक रहा था अब ओलों की मार के बाद दाम गिरकर 25 से 45 रुपये पहुंच गए हैं। अच्छे दाम न मिलने से सब्जी उत्पादकों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

तापमान में गिरावट से सेब के आकार पर पड़ेगा असर : डॉ. विजय
नौणी विवि के पूर्व कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर का कहना है कि मई और जून माह में सेब के विकास के लिए 24 से 25 डिग्री तापमान होना जरूरी है, लेकिन पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट चल रही है। जिससे सेब के आकार पर असर पड़ने की संभावना है।

ओलों से खराब हुई मटर की क्वालिटी : हरीश
ढली सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर का कहना है कि इन दिनों मंडी में ओलों के कारण खराब हुआ मटर अधिक पहुंच रहा है। क्वालिटी सही न होने के कारण मटर को बढ़िया दाम नहीं मिल पा रहे। बुधवार को मंडी में मटर 25 से 46 रुपये प्रति किलो के थोक दाम पर बिका है।

 

Ads

Ads

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close